परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप? सुमन त्रिवेदी

परोपकार ही सर्वोपरि है। किसी लाचार बेसहारा की मदद करने हमेशा तत्पर होना चाहिए इसे यदि अपने जीवन का ध्येय बना कर चला जाए तो एक मानसिक सुख की अनुभूति होती है।किसी को लाचार भूखा […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप? रीता जयहिंद हाथरसी

यदि कोई महिला हमें बेसहारा भूख से तड़पती हुई मिलती है तो मानवीयता का परिचय देते हुए सर्वप्रथम हमें उस बेसहारा महिला को भरपेट भोजन खिलाना चाहिए तत्पश्चात जब वो कुछ सामान्य सी हो जाए […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप?दीपा संजय”*दीप

एक भूख से तड़पती महिला के लिए भोजन की व्यवस्था सर्वप्रथम करनी होगी क्योंकि भोजन के बिना उसकी हालत अगर अधिक गम्भीर हो गई तो उसकी जान भी जा सकती है जिसकी भरपाई कभी नहीं […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप? ज्‍योति मिश्रा

हालाँकि आज के युग में सहजता से किसी पर विश्वास नहीं किया जा सकता, क्योंकि आज आये दिन यही खबर दिखती है, कि किसी भूखे ने खाना माँगा, फिर उसमे कुछ मील होने का नाटक […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप? रमेश कुमार सिंह ‘रुद्र’

समाज सामाजिक संबंधों का जाल है किसी ने सत्य कहा है।इन्हीं जालों के बीच नाना प्रकार के लोग रहते हैं। गरीबी से लेकर अमीरी तक इसी समाज के अन्दर अपना जीवन यापन करते रहते हैं […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप? ममता देवी

भूख स्त्री या पुरुष नही होती है,क्यों कि भूख का कोई लिंग नहीं होता।भूख सिर्फ भूख होती है, जिसका संबंध सिर्फ पेट से होता है, फिर वह पेट चाहे स्त्री का हो या पुरुष का।भूख […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप? कवि राजेश पुरोहित

आज हमारे देश में कई महिलाएं भूख से दम तोड़ रही है। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। किसी के तो घर तक नहीं है। किसी महिला के पति नहीं माँ बाप नहीं। भिक्षा […] Read More

परिचर्चा: क्या कर सकते हैं आप?डॉ राजकुमारी वर्मा

एक बेसहारा महिला यदि भूख से तड़प रही है, तो मेरे विचार से सर्वप्रथम उस के लिए भोजन दिया जाना आवश्यक है। प्रश्न यह उठता है कि महिला बेसहारा तो है किंतु भिखारी नहीं है, […] Read More

2 अप्रैल को साहित्‍य सरोज पत्रिका के कार्यक्रम की अंतिम रूपरेखा।

गाजीपुर। साहित्‍य सरोज की संस्‍थापिका स्‍व0 श्रीमती सरोज सिंह की पुण्‍य तिथि 02 अप्रैल को  जननी हरियाली दिवस के रूप में मनाया जायेगा। विश्‍व जननी हरियाली दिवस कार्यक्रम पर वृक्षा रोपण का कार्यक्रम होगा, इस […] Read More

आखिर हो ही गई व्‍यंग्‍य की चौपाल, माना नहीं कोई।

नई दिल्‍ली। पुस्‍तक मेले में 13 जनवरी को व्यंग्य की चौपाल थी. पहला बढ़िया काम ये हुआ कि जिस युवा लेखक (शशिकांत सिंह ) को पुरस्कार मिलना था , उसकी गाड़ी रद्द् हो गयी। वह […] Read More