बंद होता पुस्तक बाजार, कारण और निवार पर साहित्‍यकारों की राय।

साहित्‍यकारों की धरती पत्रिका के बेवपेज पर होने वाली पाक्षिक परचिर्चा अंक-/ में इस बार का विषय था, बंद होता पुस्‍तक बाजार, जिसमें लेखको ने अपनी बात सात सौ अक्षरों में  रखी। सारे आलेख गागर […] Read More

बंद होता पुस्‍तक बाजार, कारण और निवारण:-रमा प्रवीर वर्मा

पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से लेखकों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है उसी तेजी से पुस्तक बाजार भी सिमटता हुआ दिखाई दिया है | इसका मुख्य कारण इंटरनेट | आज इंटरनेट के माध्यम […] Read More

बंद होता पुस्तक बाजार, कारण और निवारण ::नमिता दुबे

आज कल के माहौल में देखनें में आ रहा है कि युवा किताब पढ़नें में उतनी रूची नहीं रखते | किताब पढ़नें से ज्यादा उन्हें चलचित्र या दृश्यात्मक माध्यम ज्यादा भाते है | आज कल […] Read More

बंद होता पुस्‍तक बाजार, कारण और निवारण:-विवेक रंजन श्रीवास्तव

 आज  त्वरित मनोरंजन एवं   आर्थिक लाभ की दौड़ में लगे लोगों को शायद ज्ञान की नहीं केवल तात्कालिक जानकारी की जरूरत ही अधिक होती है , जो उन्हें Google से इंटरनेट पर उपलब्ध हो जाती  […] Read More

बंद होता पुस्तक बाज़ार, कारण और निवारण-: डॉ राजकुमारी वर्मा

यह सर्वविदित है कि आज इंटरनेट के युग में लोगों में पुस्तकों का अध्ययन करने की प्रवृत्ति कम होती जा रही है। किसी को जब भी किसी विषय मे जानने की आवश्यकता होती है तो […] Read More

बंद होता पुस्तक बाज़ार, कारण और निवारण:-ज्‍योति मिश्रा

आज छपी हुई पुस्तकों का बाज़ार मंदी पर है, इसकी स्थिति अच्छी नहीं, पिछले साल जर्मन किताब उद्योग ने सिर्फ 10 अरब यूरो का कारोबार किया था, सात साल में पहली बार ऐसा हुआ, आज […] Read More

बंद होता पुस्तक बाजार,कारण और निवारण:- रमेश कुमार सिंह ‘रुद्र’

समय जैसे जैसे आगे बढता गया वैसे वैसे लोगों के अन्दर की सोच बदलती गई उसी प्रकार लोगों की कल्पना शक्ति का विकास हुआ।इसी का परिणाम सभी लोगों के अन्दर आधुनिकतावाद का खुमार चढते गया। […] Read More

माँ तेरा आंचल है-गोपाल कौशल

चंद्र-सी शीतल तेरी गोदी   बिंदु – सा लेटा हुआ हूँ मैं ।।   तेरे नाम पर लगा चंद्र बिंदु   अब समझ में आ गया माँ ।।” किससे  सुनूँ माँ ,आज फिर वो लोरी […] Read More

आकांक्षा यादव मानसश्री सम्मान से सम्मानित

 हिंदी साहित्य और लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए युवा साहित्यकार व ब्लॉगर सुश्री आकांक्षा यादव को मौन तीर्थ सेवार्थ फाउण्डेशन, उज्जैन द्वारा “मानसश्री  सम्मान -2017” से सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मानस्वरुप स्मृति […] Read More

कर्मनाशा नदी -रमेश भभुआ

मेरे गाँव के बगल से गूजरी, कर्मनाशा नदी—- जब मुझे ख्याल आया, एक नदी है समझ पाया । • मैं पहली बार, अपने गाँव के स्कूल से, पाँच पास करके, पार करने लगा, नदी को […] Read More