रंगमंच से दूर होते युवा दिसम्‍बर प्रथम

रंगमंच से दूर होते युवा- रमा प्रवीर वर्मा

आज के प्रतिस्पर्धा के दौर में युवा पीढ़ी जहाँ अपने कैरियर के प्रति ज्यादा जागरूक नजर आती है वहीँ उन में रंगमंच के प्रति उदासीनता दिखाई देती है | इसका मुख्य कारण ये है कि […] Read More

रंगमंच से दूर होते हुआ-सुधीर सिंह।

आज कल देखा यह जा रहा है।युवा हर कुछ ,सब कुछ पल में पा जाना चाहता है। वह शीघ्रता से हर कार्य कर रहा है। परिणाम की चिंता किये बगैर वह बस दौड़ लगा रहा […] Read More

रंगमंच से दूर होते युवा-ज्‍योति मिश्रा

रंगमंच वह पहला स्थान है, जहाँ कलाकार सही अर्थों में अपने अभिनय का प्रदर्शन कर सकता है। किंतु आजकल रंगमंच से “रंग” ही गायब हो चुका है,आज का युवा वर्ग सिर्फ एक ठोस धरातल पर […] Read More

श्रीमती वर्णाली बनर्जी: रंगमंच से दूर होते युवा

रंगमंच समाज का दर्पण हैं, जिसे कलाकार अभिनय कर प्रस्तुत करते हैं। रंगमंच के जरिए प्रदर्शन का मूल मकसद है कि समाज जागरूक हो और बुराइयां जड़ से साफ हों। जिस बात को कहने के […] Read More