पुस्‍तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा : तार पर टँगी बूँदें : अवधेश कुमार ‘अवध’

वही कविता भविष्य की यात्रा तय कर पाती है जो हमारे जीवन से जुड़ी हो । उसके भाव हमारे दिल की उपज हो या दिल द्वारा ग्राह्य । जो सरलता, सहजता, सार्थकता, माधुर्य, प्रासाद एवं […] Read More

पुस्तक समीक्षा : बापू को किसने मारा ?अवधेश कुमार ‘अवध’

हिन्दी साहित्य की समृद्ध वाटिका में वैसे तो कुसुमों की कमी नहीं है किन्तु कभी – कभी कुछ ऐसे फूल खिल जाते हैं जो अपनी सूरत और सीरत के संयुक्त प्रभाव से उपवन में अलग […] Read More

शब्द हुआ करते हैं दर्पण: अवधेश कुमार ‘अवध’ ”पुस्‍तक समीक्षा”

‘मेरी साँसों को नया संसार दे माँ शारदे’ के दैन्य अनुनय विनय के साथ साहित्य के उस द्रोण का दर्शन होता है जिसमें अलंकृत काव्य नौ रसों से आप्लावित होकर हृदय पर अधिकार कर लेता […] Read More

रुनू बरुवा का ‘श्रद्धार्घ’ है बेहतरीन -अवधेश कुमार ‘अवध’

पूर्वोत्तर के असम प्रान्त में हिन्दी भाषा व साहित्य की चर्चा डॉ. रुनू बरुवा द्वारा विरचित ‘श्रद्धार्घ’ के बिना पूरी नहीं हो सकती । बासठ वर्षीय कवयित्री द्वारा सन् 1962 से सन् 2005 तक के […] Read More

‘मेरे गांव की चिनमुनकी’ विषयवस्तु की अभिव्यक्ति -डॉ. चित्रांशी

पुस्‍तक समीक्षा- साहित्य की गद्य तथा पद्य विधा में युवा गीतकार धीरज श्रीवास्तव ने पद्य विधा को आत्मसात् करते हुए अपनी मौलिक भावोद्भावना शक्ति की अलौकिक प्रतिभा-प्रकर्ष से चालीस गीतों का एक संग्रह ‘मेरे गांव […] Read More

”सांसों के सन्तूर” विद्रुपताओं पर प्रहार और पीड़ा को दुलार करता अनुपम दोहा सँग्रह : धन्‍श्‍याम मैथिल अमृत

गीति काव्य में निःसन्देह दोहा शताब्दियों से सृजकों,पाठकों के मध्य एक लोकप्रिय छंद के रूप में उपस्थित रहा है । एक छोटे से दोहे के माध्यम से बड़ी से बड़ी ,गम्भीर और सारगर्भित बात प्रभावी […] Read More

आपका स्‍वागत है

साहित्‍यकारों की दुनिया में आपका स्‍वागत है। आशा है कि आप अपना सहयोग बनायेंगें, और विषय वार अपना योगदान भी देगें।