परिचर्चा- बंद होता पुस्‍तक बाजार

बंद होता पुस्तक बाजार: कारण और निवारण-डाॅ. हंसा षुक्ला

पहले हमारे खाली समय में मनोरंजन का सबसे सरल व सुलभ साधन पुस्तकंे होती थी। साहित्य के विभिन्न विधा की पुस्तकें अलग-अलग पाठक वर्ग पढ़ते थे। पढ़ने की उत्सुकता इस चरम सीमा पर रहती थी […] Read More

बंद होता पुस्तक बाजार -: कीर्ति प्रदीप वर्मा

एक समय था जब ज्ञानार्जन और मनोरंजन दोनों का ही साधन पुस्तकें हुआ करती थीं। परंतु आज पुस्तकें और उनके बाजार में जबरजस्त गिरावट आई है इसके कई कारण हैं।आज संचार क्रांति के कारण मोबाइल, […] Read More

बंद होता पुस्‍तक बाजार, कारण और निवारण:-रमा प्रवीर वर्मा

पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से लेखकों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है उसी तेजी से पुस्तक बाजार भी सिमटता हुआ दिखाई दिया है | इसका मुख्य कारण इंटरनेट | आज इंटरनेट के माध्यम […] Read More

बंद होता पुस्तक बाजार, कारण और निवारण ::नमिता दुबे

आज कल के माहौल में देखनें में आ रहा है कि युवा किताब पढ़नें में उतनी रूची नहीं रखते | किताब पढ़नें से ज्यादा उन्हें चलचित्र या दृश्यात्मक माध्यम ज्यादा भाते है | आज कल […] Read More

बंद होता पुस्‍तक बाजार, कारण और निवारण:-विवेक रंजन श्रीवास्तव

 आज  त्वरित मनोरंजन एवं   आर्थिक लाभ की दौड़ में लगे लोगों को शायद ज्ञान की नहीं केवल तात्कालिक जानकारी की जरूरत ही अधिक होती है , जो उन्हें Google से इंटरनेट पर उपलब्ध हो जाती  […] Read More

बंद होता पुस्तक बाज़ार, कारण और निवारण-: डॉ राजकुमारी वर्मा

यह सर्वविदित है कि आज इंटरनेट के युग में लोगों में पुस्तकों का अध्ययन करने की प्रवृत्ति कम होती जा रही है। किसी को जब भी किसी विषय मे जानने की आवश्यकता होती है तो […] Read More

बंद होता पुस्तक बाज़ार, कारण और निवारण:-ज्‍योति मिश्रा

आज छपी हुई पुस्तकों का बाज़ार मंदी पर है, इसकी स्थिति अच्छी नहीं, पिछले साल जर्मन किताब उद्योग ने सिर्फ 10 अरब यूरो का कारोबार किया था, सात साल में पहली बार ऐसा हुआ, आज […] Read More

बंद होता पुस्तक बाजार,कारण और निवारण:- रमेश कुमार सिंह ‘रुद्र’

समय जैसे जैसे आगे बढता गया वैसे वैसे लोगों के अन्दर की सोच बदलती गई उसी प्रकार लोगों की कल्पना शक्ति का विकास हुआ।इसी का परिणाम सभी लोगों के अन्दर आधुनिकतावाद का खुमार चढते गया। […] Read More