परिचर्चा-: आखिर क्यों सताई जाती हैं–

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-रीता जयहिंद हाथरसी

अक्सर गरीब घर की लड़की को ससुराल में प्रताड़ना मिलती है *कारण* ….उसे कम दहेज के लिए रोजाना जलील किया जाता है घर – परिवार का सारा काम उस को ही करना पड़ता है….यहाँ तक […] Read More

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-रमा प्रवीर वर्मा

आज जहाँ देश डिजिटल हो रहा है, विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की कर रहा है और पुरुष ही नहीं महिलायें भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश की उन्नति में सहायक बन रही है वहीं देश […] Read More

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी

शिव पुराण के अनुसार शिव-शक्ति का संयोग ही परमात्मा है और हिंदू धर्म में यह मान्यता भी है कि ब्रह्मांड की सार्वभौमिक ऊर्जा स्त्रीलिंग ही है और यही सम्पूर्ण सृष्टि की जीवन शक्ति है। भारतवर्ष […] Read More

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-महेश गुप्ता जौनपुरी

अंधिकास देखने को मिलता हैं जब लड़की ससुराल में विधवा हो जाती हैं तो उसका जिम्मेवार लड़की को ही ठहराया जाता हैं | लोग तरह तरह की बाते करने लगते हैं जिससे लड़की का जीना […] Read More

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-हेमलता गोलछा

आखिर क्यों सताई जाती है गरीब घर की लडकियां ससुराल में? जब हो जाती है विधवा। गरीबी  का होना ही अभिशाप है, गरीबी  न केवल  रोटी जैसी जरुरतों की मोहताज  बल्कि हर उस  व्यथा का […] Read More

परिचर्चा-: आखिर क्यों सताई जाती है- डा0 हंसा शुक्‍ला

आर्थिक स्थिति से कमजोर परिवार में माता-पिता का सपना होता है कि लड़की की शादी अपने से अच्छे परिवार में करें जिससे लड़की ब्याह के बाद अच्छा जीवन व्यतीत कर सके। इसलिये माता-पिता अपने हैसियत […] Read More

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं- इंजी. आशा शर्मा

गरीबी अपने आप में ही एक अभिशाप है. एक प्रचलित कहावत है- “गरीब की लुगाई,गाँव की भौजाई…” यह कहावत समाज में पैसे की शक्ति को दर्शाती है. यानि यदि किसी के पास रुपया-पैसा नहीं हो […] Read More

परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-कवि राजेश पुरोहित

हमारे देश में आदिकाल से ही गरीब लोगों का शोषण होता आया है। अर्वाचीन काल में लड़कियों के साथ व्यभिचार की खबरें प्रतिदिन समाचार पत्र में छपती ही रहती है। लड़कियाँ गरीब घर की हो […] Read More