खबरें

वाराणसी में मना उत्सव। दिल्ली तक खनक।

हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी, दिल्ली और प्रगतिशील लेखक संघ, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में ‘वाराणसी व्यंग्योत्सव’ – 2018′ का बेहद शानदार आयोजन रामछाटपार शिल्प न्यास, सामने घाट, बीएचयू, वाराणसी के सभागार में दिनांक 19 मई 2018 […] Read More

प्रदूषण की मार से बेहाल नदियॉं -: राघवेन्द्र कुमार राघव

नदियाँ हमारा रक्षण करने वाली हैं । नदियाँ अन्नोत्पादन में सहायक हैं । नदियों का जल अमृत रूप है । नदियाँ जीवन का आधार हैं फिर भी मनुष्य इन्हें मैला कर रहा है । वेद-वेदांग […] Read More

किसना किसान -एक कहानी ”विवेक रंजन श्रीवास्तव”

किसना जो नामकरण संस्कार के अनुसार मूल रूप से कृष्णा रहा होगा किसान है ,पारंपरिक ,पुश्तैनी किसान । लाख रूपये एकड़ वाली धरती का मालिक इस तरह किसना लखपति है।मिट्टी सने हाथ ,फटी बंडी और […] Read More

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का हुआ शुभारम्भ

नागौर में डाक विभाग और विदेश मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में बहुप्रतीक्षित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारम्भ 25 फरवरी, 2018  को हुआ। नागौर के गाँधी चौक उपडाकघर  में इसका उद्घाटन श्री सी. आर. […] Read More

जो पाकिस्‍तान की करें पैरवी-अशोक सपड़ा

जो पाकिस्तान की पैरवी करें उन्हें भारत से भगाना होगा बहुत हुआ भाईचारा इन जैसों से ,इन्हें अब मिटाना होगा अब इनकी दहशतगर्दी से भरा अखबार नहीं खरीदेंगे हम सरेबाज़ार में इनकी गुंडागर्दी का बाज़ार […] Read More

डाक्‍टर मेनका की काव्‍यधारा।

स्त्रियाँ कागजों जैसी होती है! मोडो.. मुड़ जाती हैं! जला दो.. जल जाती है! गला दो.. गल जाती हैं! फाड़ दो.. फट जाती हैं! आमतौर पर रद्दी सी या पुराने अखबारों की तरह इस्तेमाल की […] Read More

आयोजक के दो शब्‍द – गो0रा0ग0अ0भ0सा0 सम्‍मेलन 2018

आयोजक के दो शब्‍द आप सभी को अखंड गहमरी /अखंड प्रताप सिंह का प्रणाम। विगत वर्षो की भाँति इस वर्ष भी भारत में जासूसी उपन्‍यास के जनक कहे जाने वाले प्रसिद्व उपन्‍यासकार गोपाल राम गहमी […] Read More

फागुन के फाग- डॉ दीपा मनीष व्यास

पिया मैं तेरे साथ लगा दे रंग हज़ार पर मेरा प्रिय रंग है लाल नैनों ने तुम्हें जब देखा था पहली बार उभर आया था कपोलो पर मेरा प्रिय रंग लाल अग्निकुण्ड के समक्ष जब […] Read More

फागुन के फाग – डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा “द्रोण”

1.ब्रजनारि अरी घेरौ री ब्रजनारि, कन्हैया होरी खेलन आयो है, होरी खेलन आयो है, होरी खेलन आयो है, अरी घेरौ री .. संग में हैं आये उत्पाती बाल, मटक मटक चले अदा की चाल, हाथनु […] Read More

वो मुझसे नज़रें-अशोक सपड़ा हमदर्द

वो मुझसे नज़रें चुराये तो क्या करूँ वो आँखों से ना पिलाये तो क्या करूँ रोज भूल जाती अक्सर मुझकों यारोँ एक भी दिन याद न रखें तो क्या करूँ अब दिल करता कि उसको […] Read More