वर्ष 2017 के पुरस्कार एवं पाण्डुलिपि अनुदान की हुई घोषणा

भोपाल। दिनांक 3 जुलाई 2018। राज्य की साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद्, भोपाल की पुरस्कार योजना के अंतर्गत विभिन्न विधाओं में प्रकाशित श्रेष्ठ कृतियों के लिए अखिल भारतीय पुरस्कार रु. 1,00,000/- एवं प्रादेशिक पुरस्कार रुपये 51,000/- देती है। साथ ही प्रदेश के रचनाकारों को श्रेष्ठ पाण्डुलिपियों को रुपये 20,000/- अनुदान देती है।
अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव ने साहित्य अकादमी के वर्ष 2017 के लिए पांच अखिल भारतीय तथा नौ प्रादेशिक पुरस्कार एवं चालीस पाण्डुलिपि सहायता अनुदान देने की घोषणा करते हुए देश एवं प्रदेश के पुरस्कृत रचनाकारों को बधाई दी। तद्नुसार साहित्य अकादमी के निदेशक डाॅ. उमेश कुमार सिंह ने घोषित परिणामों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पं. माखनलाल चतुर्वेदी (निबंध) श्री कृष्णकांत चतुर्वेदी (जबलपुर) को ‘अनुवाक्’ कृति के लिए। गजानन माधव मुक्तिबोध (कहानी) श्रीमती उषा जायसवाल (भोपाल) को ‘चरण स्पर्श’ कृति के लिए। राजा वीरसिंह देव (उपन्यास) श्री जगदीश तोमर (ग्वालियर) को ‘नीलकंठ का स्वप्न’ कृति के लिए। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (आलोचना) डाॅ. व्यासमणि त्रिपाठी (अण्डमान) को ‘जगन्नाथ दास रत्नाकर’ कृति के लिए एवं पं. भवानी प्रसाद मिश्र (कविता) श्री इंदुशेखर तत्पुरुष (जयपुर) को ‘पीठ पर आँख’ कृति के लिए घोषित हुए हैं।
साथ ही वर्ष 2017 के लिए कुल नौ प्रादेशिक पुरस्कार पं. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ (उपन्यास) डाॅ. मोहन तिवारी (भोपाल) को ‘वैदेही’ कृति के लिए। सुभद्रा कुमारी चैहान (कहानी) श्री गोपाल माहेश्वरी (इंदौर) को ‘पहली वाली बस’ कृति के लिए। श्रीकृष्ण सरल (कविता) श्री राकेश शर्मा (इंदौर) को ‘स्त्राी और समुद्र’ कृति के लिए। नंददुलारे वाजपेयी (आलोचना) डाॅ. स्मृति शुक्ला (जबलपुर) को ‘हिन्दी साहित्य कुछ विचार’ कृति के लिए। हरिकृष्ण पे्रमी (नाटक/एकांकी) श्रीमती रंजना चितले (भोपाल) को ‘झलकारी’ कृति के लिए। राजेन्द्र अनुरागी (व्यंग्य, ललित निबंध, आत्मकथा, संस्मरण आदि) डाॅ. पद्मा सिंह (इंदौर) को ‘आत्मज्ञान में जगत दर्शन’ कृति के लिए। दुष्यंत कुमार (प्रदेश के लेखक की पहली कृति) श्रीमती ममता वाजपेयी (भोपाल) को ‘भाव पंखी हंस’ कृति के लिए। ईसुरी (लोकभाषा विषयक) डाॅ. गंगाप्रसाद गुप्त बरसैया (भोपाल) को ‘बुंदेली निबंध’ कृति के लिए एवं जहूर बख्श (बाल साहित्य) डाॅ. प्रीति प्रवीण खरे (भोपाल) को ‘निंदिया के पंख लगे’ कृति के लिए घोषित हुए हैं। वर्ष 2017 के लिए कुल 40 पाण्डुलिपि सहायता अनुदान के अंतर्गत डाॅ. वर्षा चौबे (भोपाल), श्री पुरुषोत्तम तिवारी (भोपाल), डाॅ. वेद प्रकाश दुबे (सागर), श्रीमती प्रतिभा द्विवेदी (ग्वालियर), डाॅ. शिरोमणि सिंह ‘पथ’(दतिया), श्री सीताराम अहिरवार (विदिशा), श्री हीरालाल पारस (भोपाल), श्री धर्मेन्द्र अहिरवार (भोपाल), श्री सुदर्शन व्यास (सीहोर), श्रीमती रागिनी स्वर्णकार (इंदौर), श्री भाऊराम महंत (बालाघाट), श्री दुष्यंत दीक्षित (भोपाल), श्रीमती जया केतकी (भोपाल), श्री मनीष पारासर (भोपाल), श्री अनुराग तिवारी (भोपाल), सुश्री प्रांजल श्रीवास्तव (भोपाल), श्रीमती रेखा दुबे (विदिशा) श्री रोशन मनीष (ग्वालियर), श्री अनिल शर्मा ‘मयंक’ (भोपाल), श्री प्रदीप सोनी (रायसेन), श्री जगदीश प्रजापति (विदिशा), श्री राजेश ‘अजनवी’(आगर), नीना सिंह सोलंकी (भोपाल), डाॅ. विकास दवे (इंदौर), सुश्री सीमा जैन (ग्वालियर), श्री अनिल अग्रवाल (भोपाल), श्री ओमप्रकाश मिश्र (रीवा), श्री राजेश लिटौरिया (दतिया), श्री प्रकाश शर्मा (भोपाल), डाॅ. पूजा उपाध्याय (उज्जैन), सौ. ज्योति आजाद खत्राी (ग्वालियर), अर्चना मुखर्जी ‘अंश’(भोपाल), श्री रविन्द्र सिंह परमार (दतिया), अनुपमा श्रीवास्तव ‘अनुश्री’(भोपाल), श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव (दतिया), डाॅ. विनीता राहुरकर (भोपाल), सुश्री कीर्ति प्रदीप वर्मा (बाबई), श्रीमती रश्मिचन्द्र गुप्त (भोपाल), श्री श्यामलाल अहिरवार (दमोह) एवं सुश्री सरिता अनामिका (भोपाल) को देने की घोषणा हुई है।

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