कान्ति की कृति अनुरक्त- विरक्त’ का हुआ लोकार्पण।

वरिष्ठ साहित्यकार सुविख्यात कवयित्री कान्ति शुक्ला के कहानी संग्रह ‘ अनुरक्त- विरक्त’ का लोकार्पण दो जून को शहीद भवन भोपाल में सम्पन्न हुआ । इस कहानी संग्रह में आशा और आकांक्षा, उत्सुकता , संघर्ष और समर्पण, सहयोग और द्वेष जैसे परस्पर विरोधी मनोभावों के ऐसे कथानक और घटना क्रम हैं जो संवेदना प्रधान और प्रवाहपूर्ण हैं जिनका क्रमिक विकास पाठकों में कौतूहल मय उत्सुकता जगाते हुए चरम तक अग्रसर होता है । संग्रह की सभी कहानियों का केन्द्रीय विचार कहानीकार की निपुणता का परिचायक है । कहानियों के जीवंत पात्र, आवश्यक और परिवेशानुसार सार्थक संवाद, विश्लेषणात्मक चरित्र चित्रण, वातावरण का सजीव शब्दांकन, विशिष्ट घटना क्रमों का सहज और मर्मस्पर्शी विकास पाठक को मंत्रमुग्ध करने में सक्षम है । कहीं पर भी ऐसा प्रतीत नहीं होता कि घटनाएं या कथानक आरोपित या थोपे गए है । कहानियों में चरित्र चित्रण अत्यंत स्वाभाविक ढंग से हुआ है । संग्रह में प्रणीत कहानियों की भाषा देशकाल और परिस्थितियों के अनुकूल है जो अपने पात्रों के प्रति प्रतिबद्धता , निष्पक्षता और प्रमाणिकता का प्रमाण है । संग्रह निश्चित रूप से संग्रहणीय और पठनीय है ।
“अनुरक्त- विरक्त” कहानी संग्रह
प्रकाशक – उद् भावना दिल्ली
मूल्य – 150 रु.

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