परिचर्चा- तड़पते किसान और सरकार ” रीता जयहिन्‍द” आयोजन संख्‍या -7

हमारे किसान जो कि कितनी कड़ी मेहनत से अन्नोपार्जन करते हैं ।खेतों में कड़ी धूप व बंजर जमीन को उपजाऊ करते हैं तब हम लोगों तक अन्न पहुँचता है। कितनी दुःखद बात है जिस किसान की मेहनत से हमारे घरों में अनाज आता है हम तो भरपेट खाना खाते हैं पर किसान का परिवार अक्सर आधे पेट ही भोजन कर पाता है हमें अन्न देने वाला खुद ही अन्न का अभाव सहता है इसके लिए भी सरकार को कड़े नियम बनाकर किसानों को बिजली पानी उपलब्ध करे अधिकतर हमारे देश के किसान लगान भरते – भरते ही सारी उम्र गुजार देते हैं फिर भी कर्जे से उबर नहीं पाते व कर्जें में ही दम तोड़ देते हैं गरीबी तथा बदहाली की जिंदगी जीते – जीते परेशान होकर किसान आत्महत्या तक कर लेते हैं …
पर किसानों की स्थिति में अभी कुछ सुधार हुए है उनमें से कुछ योजनाएँ जैसे पहले किसान जब कर्ज लेते थे तो वो अपने ही गाँव के प्रधान या किसी धनाढ्य व्यक्तियों से लेकर अनपढ़ होने की वजह से उनके चंगुल में फँस जाते थे और जीवनभर एक गुलामी की जिंदगी जीने पर विवश हो जाते थे । पर अब बदलते समय के साथ शिक्षा अब हर गाँव में स्कूल होने की व वजह से लगभग सभी पढ़- लिख गए है
और जब किसान कर्ज लेते है तो उन्हें हिसाब – किताब मालूम होता है दूसरी बात अब सरकार की तरफ से लाॅन लेकर किसानों को बहुत ज्यादा ब्याज नहीं भरना पड़ता पहले वे 8 – 10 गुना ज्यादा ऋण भरते थे और कोई साधन ही नही थे अब तो बैंक भी लगभग सभी जगह या आसपास के जिलों में शाखाएँ होने की वजह से किसान को आसानी से ऋण मिल जाता है सिर्फ कुछ जरूरी कार्यवाही पूरी करके ।
इसके साथ ही किसानों को अब खेती में नये साधन भी उपलब्ध होते जा रहे हैं तकनीक और नई शिक्षा प्रणाली से नये – नये साधन अपनाने से खेती करना आसान हो गया है जैसे पानी लेने के तथा खेतों को बुआई करना व फसल काटने में अब उपकरण व संसाधनों से खेती करना पहले की अपेक्षा कुछ सरल हो गया है । मेरी एक गुजारिश है भारत सरकार से कि किसानो का लगान माफ कर उन्हें ज्यादा मुनाफा दे और अधिक से अधिक सेवाएं प्रदान करें ..जब तक किसान खुशहाल नहीं होंगे तो देश कैसे उन्नति करेगा तथा आगे बढ़ेगा ।देश के किसान भाईयों को मेरा बारम्बार प्रणाम है मैं उनके सुखद भविष्य की कामना करती हूँ तथा सरकार से व देश की जनता से आशा रखती हूँ कि उनको बेहाली व बदहाली की जिंदगी से उबार कर खुशहाल जीवन जीने के सभी कारगर साधन उपलब्ध करे ताकि उनका भी वर्तमान तथा भावी जीवन सुखमय हो। व किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर न होना पड़े ।

जयहिंद जयभारत वंदेमातरम्
जयजवान  जयकिसान ©

रीता जयहिंद हाथरसी ( दिल्ली )🇮🇳 ✍🏼
mob no . 8368851064 , 9717281210

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