आयोजक के दो शब्‍द – गो0रा0ग0अ0भ0सा0 सम्‍मेलन 2018
आयोजक के दो शब्‍द
आप सभी को अखंड गहमरी /अखंड प्रताप सिंह का प्रणाम।
विगत वर्षो की भाँति इस वर्ष भी भारत में जासूसी उपन्‍यास के जनक कहे जाने वाले प्रसिद्व उपन्‍यासकार गोपाल राम गहमी की पुनीत स्‍मृति गहमर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित दो दिवसीय गोपाल राम गहमरी अखिल भारतीय साहित्‍यकार सम्‍मेलन का आयोजन सितम्‍बर माह की 8-9 दिन शनिवार-‍ रविवार को आयोजित किया जा रहा हैं।
विगत 2015 में अत्‍यन्‍त खराब महोैल में भारी दुर्व्‍यवस्‍था के बीच यह कार्यक्रम प्रराम्‍भ हुआ। इस कार्यक्रम को प्रारम्‍भ कराने में मॉं श्रीमती कान्ति शुक्‍ला, गुरूवर प्रो0 विश्‍वम्‍भर शुक्‍ल जी, श्री सुभाष चंदर भैया, गुरूवर रामकुमार चतुर्वेदी जी, श्री संदीप अवस्‍थी जी, सुषमा भाभी, रमा दीदी, गिरीश पंकज गुरूजी का बहुत बडा योगदान रहा। अनुभवहीनता के कारण कार्यक्रम की खराब व्‍यवस्‍था के बावजूद सभी ने मिल मेरा हैासला बढाया, और वर्ष 2016 में कार्यक्रम करने को मजबूर किया। आप सबके आशीर्वाद से गत वष की तुलना में दूसरा वर्ष काफी सुधरा हुआ था। वर्ष 2017 में मेरी माता जी अल्‍पायु मृत्‍यु के बाद भी काफी गमगीन माहौल में यह कार्यक्रम हुआ, जिसमें दो वर्षो की कमीयों को काफी हद तक दूर कर दिया गया, सभी का सहयोग बना रहा।
इस कार्यक्रम का मुख्‍य उद्वेश्‍य होता है कि नवप्रवेशियों को मंच देना एवं ग्रामीण क्षेत्र के बच्‍चों को इस प्रकार के आयोजनों को दिखा कर, उनकी प्रतिभाएं आप सबको दिखा कर, उन में एक नया संचार पैदा करना, उनको प्रोत्‍साहित कर उनकी प्रतिभा का विकास करना। साथ ही आज शहरी वातारवण के अभ्‍यस्‍त बन चुके देश-विदेश के लोगो को ग्रामीण परिवेश से दुबारा जोड़ते हुए अपने गॉंव गहमर से उनका परिचय कराना।
 
ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले इस कार्यक्रम में पूर्ण रूप से ग्रामीण परीवेश की याद ताजा कराने की कोशिश की जाती है। देशी मिठाईयॉं, ग्रामीण परिवेश एवं पूर्वाचल की संस्‍कृति के हिसाब से भोजन, गंगा स्‍नान, मॉं कामाख्‍या दर्शन-पूजन, वैदिक रीति के अनुसार सम्‍मान समारोह इस कार्यक्रम को सबसे अलग बनाता है।
 
इस कार्यक्रम में आई महिलाएं मेरे घर में संयुक्‍त रूप से प्रवास करती है, जहॉं उनकी यथासंभव अतिथि सत्‍कार करने की कोशिश किया जाता है। पुरूष एक कामन हाल में ठहरते हैं। कुछ परेशानी गर्मी की उमस को लेकर होती थी जिसें इस वर्ष काफी हद तक दूर करने का प्रयास अभी ही किया जा चुका है।
 
इस वर्ष भी कार्यक्रम की रूप रेखा आपके सामने हैं, इसे इतने पहले घोषित करने का मुख्‍य कारण यह रहा कि 2015 में एक दुर्घटना के बाद मेरा व्‍यवसाय पूर्ण रूप से बंद होगा। अत: मैं इस वर्ष 29 मार्च को नवरात्र की 9वी तिथि को अपना नया व्‍यवसाय प्रारम्‍भ करने जा रहा हूँ।
इस लिए कुछ समय का आभाव रहेगा। दूसरा कारण यह रहा कि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण समय कम रहने पर साझा संग्रह की छपाई, सम्‍मान में चयन व्‍यक्ति को आरक्षण की कठिनाई, का सामना करना पड़ता था, इस लिए इस वर्ष इस कार्यक्रम की रूपरेखा काफी पहले बना दिया गया, जिससे सभी कार्य समय पर सुनिश्चित हो सकें।
आप सबसे निवेदन है कि आप इस कार्यक्रम को सफल बनाने में यथासंभव सहयोग करें, जिससे हर गुमनाम साहित्‍यकार पटल पर आ सकें।
अखंड गहमरी, गहमर, गाजीपुर, उत्‍तर प्रदेश।

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