फागुन के फाग- डॉ दीपा मनीष व्यास
पिया मैं तेरे साथ
लगा दे रंग हज़ार पर
मेरा प्रिय रंग है लाल
नैनों ने तुम्हें जब
देखा था पहली बार
उभर आया था कपोलो पर
मेरा प्रिय रंग लाल
अग्निकुण्ड के समक्ष जब
ली थी कसमें सात
मांग में मेरी चमक रहा था
मेरा प्रिय रंग लाल
बिदाई की बेला में
जब छोड़ा मैके का द्वार
जोड़े में दमक रहा था
मेरा प्रिय रंग लाल
बैठ डोली में आई
जब अपने घर द्वार
हाथों के छापे में था
यही प्रिय रंग लाल
जीवन के उतार- चढ़ाव में
दिया जिसने बल अपार
वह है मेरा प्रिय रंग लाल
आज खेलूँगी होली
पिया मैं तेरे साथ
लगा दे रंग हज़ार पर
मेरा प्रिय रंग है लाल
डॉ दीपा मनीष व्यास
2043 डी सुदामा नगर इंदौर
मोबाइल 9826056758

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