होली के रंग बसंत के संग

मचालो धूम मिलकर के, चलो  इस बार होली में

नहीं  बाकी  रहे  कोई,  कसर दिलदार होली में

रँगों के साथ धुल जाये, जमा हर मैल नफरत का

घृणा जल राख हो जाये,  बचे  बस प्यार होली में

गलतियाँ माफ़ हैं सारी, पकड़ लो आज तो सबको

मिले  जो भी लगा दो रँग,  मे’रे सरकार होली  में

पिलाओ और पीओ भंग,  करो मस्ती सभी जी भर

मगर  ज्यादा बहकना मत,  पड़ेगी  मार  होली में

सजे  हर  गाल  रंगों  से,  शहर में  और गाँवों में

मनालो  आज  रूठों को,  करो  मनुहार  होली में

बना  कर  रंग  फूलों से, भरो पिचकारियाँ अपनी

खिलाओ  और  खेलो  रँग, सभी  से यार होली में

भुला कर सब  गिले शिकवे, मनाओ साथ में होली

न  कोई जीत  होती  है, न  कोई  हार  होली  में

बसंत कुमार शर्मा,

366/2, ऑफिसर्स कॉलोनी,

इलाहावाद बैंक सर्किल के पास,

सिविल लाइन्स, जबलपुर (मप्र)

मोबाइल 975241590

 

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