परिचर्चा:आखिर क्यों सताई जाती हैं-महेश गुप्ता जौनपुरी
अंधिकास देखने को मिलता हैं जब लड़की ससुराल में विधवा हो जाती हैं तो उसका जिम्मेवार लड़की को ही ठहराया जाता हैं | लोग तरह तरह की बाते करने लगते हैं जिससे लड़की का जीना और भी मुश्किल हो जाता हैं | हमारे समाज में आज भी लोग कर्म पर विश्वास करके एक वेगुनाह को गुनेहगार ठहरा देते हैं | आखिर कब तक चलेगा एक वेगुनाह लड़की को और कितना सताया जायेगा | सबसे ज्यादा दुःख की घड़ी लड़की का तभी होता हैं जब उसके पति का निधन हो जाता हैं सच बात तो ये हैं | जिस दिन किसी लड़की का पति मर जाता हैं उसी दिन वह लड़की आधा मर जाती हैं जीती हैं तो बस अपने परिवार के लिए या तो अपने बच्चे के लिए लेकिन हमारा समाज कभी नहीं समझ पायेगा कि एक लड़की शादी के बाद कितनी कुर्बानी देती हैं | सच तो ये हैं जो मुहँ नहीं खोलता समाज उसे ही प्रताडित करती हैं अगर लड़की की मौत हो जाता हैं तो घर परिवार और सामाज वाले लड़को के कर्म को नहीं कोसते हैं | एक लड़की को जब व्याह कराकर लाया जाता हैं तो अगर घर में किसी परिवार का या उसके पति का मृत्यु हो जाता हैं तो लड़की के ससुराल वाले ताने मार मारकर लड़की का जीना हाराम कर देते हैं कोई बोलता हैं लड़की का नछत्र ही नहीं सही हैं तो कोई बोलता है परिवार में आते ही अपने पति को खा गयी मनहुस कही की घर परिवार समाज के लोग तरह तरह के बाते करने लगते हैं जिससे लड़की का जीना मुश्किल हो जाता हैं पति के मरने के बाद लड़की के ससुराल वाले लड़की को प्रताडित करने लगते हैं जो बहु कल सबकी प्यारी थी | पति के मरते ही उसी लड़की के साथ घर वाले सौतेला व्यवहार करने लगते हैं और सिधे मुँह से बात नहीं करते हैं |
कारण –
1). सबसे बड़ी कारण यह हैं कि लड़की का पति जब मर जाता हैं तो लोग उसके साथ बुरा व्यवहार करते हैं |
2).लड़की के कर्म को घर परिवार और सामाज वाले कोसते हैं |
3).लड़की को ससुराल वाले प्रताडित करते हैं लड़की इतना टुट जाती हैं कि उसे किसी से कुछ बोलने की हिम्मत नहीं होती |
4). लड़की को ससुराल वाले सौतेले निगाह से देखने लगते हैं जैसे पति के मरने का कारण लड़की ही हैं |
5). लड़की को लोग ऐसे ही छोड़ देते हैं उसके हालात पर जिससे लड़की अपने पति की याद में और लोगो के व्यवहार से घुट घुट कर मरने के लिए मजबूर हो जाती हैं |
6). लड़की के पति के मरने के बाद लड़की के मायके वाले भी उसको अकेला छोड़ देते हैं जिससे लड़की को लगता हैं कि उसका कोई सहारा नहीं हैं लड़की इसी घुटन में जीने की आस छोड़ देती हैं जिससे वह कुछ समय बीतते ही उसके चेहरे की रौनक खत्म हो जाती हैं बुढ्ढी दिखने लगती हैं |
निवारण –
1). लड़की जब विधवा हो जाये तो ससुराल वालो को चाहिए की लड़की का साथ दे |
2). लड़की को अकेले ना छोड़े हमेशा उसके साथ रहें उसे रोने ना दे |
3). लड़की के अन्दर साहस भरना चाहिए उल्टी बाते करके उसे कष्ट नहीं पहुँचाना चाहिए |
4). लड़की जब विधवा हो जाये तो उसके योग्य लड़का देख उसका पुनः विवाह करा दे जिससे वह अपनी दुसरी जीवन जी सके |
5). लड़की जब विधवा हो जासे तो उसके ऊपर ये दबाव ना बनाये की तुम्हारे कर्मो के वजह से तुम्हारा पति मर गया |
6). लड़की जब विधवा हो जाये तो उसे जीवन यापन भत्ता देना चाहिए उसका सहयोग करना चाहिए |
सलाह –
जब लड़की विधवा हो जाये तो उसको साहस देना चाहिए की हम लोग आपके साथ हैं जो कुछ भी हुआ इसमें भगवान की मर्जी हैं इसमें तुम्हारा कोई दोष नहीं हैं बोल कर साहस देना चाहिए |
          महेश गुप्ता जौनपुरी

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