फागुन के फाग- डॉ दीपा मनीष व्यास

पिया मैं तेरे साथ लगा दे रंग हज़ार पर मेरा प्रिय रंग है लाल नैनों ने तुम्हें जब देखा था पहली बार उभर आया था कपोलो पर मेरा प्रिय रंग लाल अग्निकुण्ड के समक्ष जब […] Read More

फागुन के फाग – डॉ दिग्विजय कुमार शर्मा “द्रोण”

1.ब्रजनारि अरी घेरौ री ब्रजनारि, कन्हैया होरी खेलन आयो है, होरी खेलन आयो है, होरी खेलन आयो है, अरी घेरौ री .. संग में हैं आये उत्पाती बाल, मटक मटक चले अदा की चाल, हाथनु […] Read More

परिचर्चा आयोजन संख्‍या 5 के विजेता, 6 के लेखक, 7 का विषय।

साहित्‍यकारों की दुनिया पोर्टल पर होने वाले पाक्षिक आयोजन के फरवरी द्वितीय आयोजन संख्‍या -5 में इस बार परिचर्चा का विषय था कितनें जिम्‍मेदार हैं हम पर्यावरण प्रदूषण के लिए, इस बार कुल 9 प्रविष्टियाँ […] Read More

वो मुझसे नज़रें-अशोक सपड़ा हमदर्द

वो मुझसे नज़रें चुराये तो क्या करूँ वो आँखों से ना पिलाये तो क्या करूँ रोज भूल जाती अक्सर मुझकों यारोँ एक भी दिन याद न रखें तो क्या करूँ अब दिल करता कि उसको […] Read More

फागुन के फाग -रमा प्रवीर वर्मा

मौसम नें जादू किया, बरसे नेह अनन्त । धरती इठलाती फिरे, आया राज बसन्त ।। .. गीत बसन्ती गा रहे, जोगी हो या सन्त । कलियों पर यौवन चढ़ा, बौराया है कन्त ।। .. भीनी […] Read More

परिचर्चा- होली का त्‍यौहार- भारत पलोड़

शीर्षक पढ़ते ही कमाल की झुरझुरी-सी छूट गई सारे बदन में । ठीक से कहा नहीं जा सकता कि ख़ुशी से या आतंक से । इस झुरझुरी ने दिमाग के सारे तार हिला दिए हैं […] Read More

होली के रंग -भुवन विष्‍ट

होली के रंग अबीर से, आओ बांटें मन का प्यार, खुशहाली आये जग में, है आया रंगों का त्यौहार, रंग भरी पिचकारी से अब, धोयें राग द्वेष का मैल, ऊंच नीच की हो न भावना, […] Read More

परिचर्चा -होली में रसोई ‘नमिता दुबे’

होली का त्यौहार ऐसे मौसम में आता है जब सर्दी विदा लेती है और गर्मी का आगमन होने लगता है | ये एक नाजुक मौसम है इस मौसम में खानपान का ध्यान ना रखा जाये […] Read More

माँ मेरा स्कूल -अनीता मिश्रा'”सिद्धि”‘

“उठ बेटा जल्दी से, स्कूल जाना है”। हीरा ने भोलू को उठाते हुए कहा।तुझे तैयार कर स्कूल छोड़ दूँगी, तभी तो काम पर जाऊँगी मैं ।हीरा एक छोटे से गाँव में रहती थी,और वही के […] Read More

आ गया फाग – मुकेश

आ गया फाग | छिड़ गया राग || गोरी की बदली चाल | जब हुए गाल लाल || उढ़ गयी चदरिया | बेरिन बीच बजरिया || जो गिर गया गुलाल | अंग-अंग हुआ बेहाल || […] Read More